Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

अल फलाह यूनिवर्सिटी की कुंडली खंगाल रही ED! फर्जी लेन-देन से लेकर 1 पते पर 9 कंपनियां, बड़ा खुलासा, क्या-क्या मिला?

Author Image
Written by
AH News

दिल्ली ब्लास्ट के बाद चर्चा में आई फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है. जांच एजेंसी ने मंगलवार को दिल्ली के ओखला-जामिया नगर समेत 25 ठिकानों पर रेड की है. ईडी सुबह 5 बजे से अल-फलाह यूनिवर्सिटी, इसके ट्रस्टीज़ और उनसे जुड़े व्यक्तियों/संस्थाओं के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन कर रही है. संस्थान पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप है. ईडी फंडिंग की जांच कर रही है.

यह कार्रवाई ग्रुप से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं, शेल कंपनियों के इस्तेमाल, फर्जी लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा है. छापों के दौरान अधिकारियों ने ग्रुप से जुड़ी 9 संदिग्ध शेल कंपनियों की गतिविधियों को फोकस में लिया है, जो सभी एक ही पते पर रजिस्टर्ड पाई गईं. शुरुआती जांच में कई ऐसे पैटर्न सामने आए हैं, जो शेल कंपनी संचालन की ओर इशारा करते हैं.

Advertisement Box

  • घोषित ऑफिस में न कोई स्टाफ, न बिजली-पानी का इस्तेमालयानी फिजिकल प्रेज़ेंस नगण्य
  • अलग-अलग कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल
  • EPFO/ESIC में कोई रिकॉर्ड नहीं, जबकि कागज़ों में बड़ा कारोबार दिखाया गया
  • कई कंपनियों में समान डायरेक्टर और साइनैटरी, KYC रिकॉर्ड भी बेहद कमजोर
  • बैंक खातों से नाम मात्र का वेतन भुगतान, HR रिकॉर्ड लगभग नदारद
  • कंपनियों के गठन की एक जैसी टाइमलाइन और कॉमन कॉन्टैक्ट डीटेल्स
  • जांच एजेंसियों का मानना है कि ये सारे संकेत बताते हैं कि इन कंपनियों का असली उद्देश्य संदिग्ध लेन-देन को छिपाना हो सकता है.

UGC और NAAC मान्यता पर भी सवाल

इसके साथ ही एजेंसियों ने UGC और NAAC मान्यता को लेकर ग्रुप द्वारा किए गए दावों में भी प्राथमिक स्तर पर कुछ गड़बड़ियां पाई हैं. इस पहलू पर संबंधित अधिकारियों से अलग से पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि आगे आने वाली जानकारियों के आधार पर ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि व्हाइट टेरर मॉड्यूल को लेकर अल फलाह यूनिवर्सिटी जांच के केंद्र में है. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने जांच और जालसाजी एवं धोखाधड़ी के लिए विश्वविद्यालय के खिलाफ दर्ज दो मामलों के संबंध में अल फलाह विश्वविद्यालय के अध्यक्ष को दो समन जारी किए थे.

क्यों भेजा गया समन?

यह समन तब भेजा गया जब एजेंसियों ने पाया कि विश्वविद्यालय के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी का बयान संस्थान के कामकाज और उससे जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों से संबंधित कई विसंगतियों को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिद्दीकी को समन जारी करना व्यापक जांच का हिस्सा है, जो पिछले सप्ताह लाल किले के पास हुए विस्फोट की चल रही जांच से संबंधित है.

माना जा रहा है कि विस्फोट से जुड़े कई संदिग्धों का विश्वविद्यालय से संबंध रहा है, जिसके कारण जांचकर्ताओं को संस्थागत रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और प्रशासनिक स्वीकृतियों की जांच करनी पड़ रही है.

अवैध निर्माण पर जल्द चल सकता है बुलडोजर

दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे अल-फलाह यूनिवर्सिटी का मामला भी गर्माता जा रहा हैजांच एजेंसियों को शक है कि यूनिवर्सिटी के विस्तार में बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी हुई हैइसी वजह से अब प्रशासन ने यूनिवर्सिटी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है.

सूत्रों के मुताबिक प्रसाशन हाल में यूनिवर्सिटी पहुंचा था, जिसमें पाया गया कि कई निर्माण बिना मंजूरी या फिर नियमों की अनदेखी करके किए गए है. एजेंसियों का ध्यान अब यूनिवर्सिटी के फंड, पैसों के लेनदेन और किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों से जुड़े संभावित लिंक पर है.

दिल्ली पुलिस यूनिवर्सिटी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी के दो केस पहले ही दर्ज कर चुकी है. फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि यूनिवर्सिटी के अवैध निर्माण पर जल्द ही बुलडोजर चल सकता है.

आज का राशिफल

वोट करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

Advertisement Box

सोमवार, 02 मार्च 2026

आज का सुविचार

जीवन एक अनमोल अवसर है, इसे केवल सांस लेने में ही न गंवाएं, बल्कि हर पल को पूरी जागरूकता और आनंद के साथ जिएं। आपके कर्म ही आपकी पहचान बनाते हैं, इसलिए हमेशा श्रेष्ठ करने का प्रयास करें।

Advertisement Box

और भी पढ़ें