
शाह को बताया ‘खतरनाक’, दुर्योधन–दुशासन से की तुलना; महिलाओं से किया संघर्ष का आह्वान
कोलकाता/नई दिल्ली — पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने शाह को “खतरनाक नेता” बताते हुए उनकी तुलना महाभारत के पात्र दुर्योधन और दुशासन से कर दी। ममता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी राज्यों को कमजोर करने की ‘साजिश’ कर रही है और लोकतांत्रिक ढांचे को चोट पहुंचाई जा रही है।
अमित शाह खतरनाक लोकतंत्र के लिए खतरा”एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार “राजनीति को बदले की भावना” से चला रही है।
उन्होंने कहा—“अमित शाह खतरनाक हैं। वह दुर्योधन और दुशासन की तरह व्यवहार कर रहे हैं। विपक्ष को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बंगाल किसी के डर से झुकने वाला नहीं है।”
ममता ने दावा किया कि बंगाल सरकार के अधिकारों में लगातार हस्तक्षेप किया जा रहा है।
“सीबीआई, ईडी और कई केंद्रीय एजेंसियों का दुुरुपयोग हो रहा है। लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई अब राज्यों को खुद लड़नी होगी,” उन्होंने कहा।
महिलाओं को संघर्ष के लिए प्रेरित किया
सभा में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर केंद्र को घेरा।
उन्होंने कहा कि SIR (Social Index Register) में नाम कटने की रिपोर्टों से अगर महिलाएं परेशान हैं तो उन्हें पीछे हटने की जरूरत नहीं है।
ममता ने कहा—“अगर SIR में आपका नाम काट दिया जाए, तो घबराओ मत। आपके पास आपके घर के बर्तन हैं—खाना बनाने के बर्तन। उनसे लड़ो, अपनी आवाज उठाओ।”
उनका यह बयान महिलाओं को संघर्ष के लिए प्रोत्साहित करने के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल की महिलाएं राजनीति और समाज में हमेशा अग्रणी रही हैं, और वे किसी भी अन्याय के खिलाफ डटकर खड़ी हो सकती हैं।
केंद्र–विपक्ष संघर्ष की नई पृष्ठभूमि: ममता बनर्जी के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब
केंद्रऔर बंगाल सरकार के बीच कानून-व्यवस्था, धन आवंटन और केंद्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन को लेकर कई विवाद चल रहे हैं।
टीएमसीभाजपा पर पंचायत और लोकसभा चुनावों के लिए प्रशासनिक दबाव बनाने का आरोप लगाती रही है।
दूसरीओर, भाजपा कहती है कि बंगाल में भ्रष्टाचार और हिंसा पर रोक लगाना जरूरी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि
ममता बनर्जी का यह कड़ा बयान आने वाले चुनावों से पहले अपने वोट बैंक को मजबूत करने और भाजपा के खिलाफ आक्रामक मोर्चा खोलने की रणनीति का हिस्सा है।
भाजपा की प्रतिक्रिया: अभी तक भाजपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन पार्टी के सूत्रों का कहना है कि ममता के आरोप बेबुनियाद और चुनावी बयानबाजी हैं।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि
“जब भी उनके शासन पर सवाल उठते हैं, ममता केंद्र पर हमला करने लगती हैं।”
ममता बनर्जी के नवीनतम बयान से यह साफ हो गया है कि
बंगालमें भाजपा और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होगा,
महिलाओंऔर गरीब वर्गों को लेकर SIR विवाद भी नया चुनावी मुद्दा बन सकता है,
औरकेंद्र बनाम राज्य की राजनीति आने वाले महीनों में और गर्माएगी।
यह पूरा घटनाक्रम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर राष्ट्रीय सुर्खियों में ले आया है।








