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Karnataka Clash: बागलकोट में शिवाजी जयंती पर भड़की हिंसा! पथराव-आगजनी में SP भी लहूलुहान

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AH News

कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती पर जुलूस में पथराव और आगजनी की घटना सामने आई है. यहां शोभायात्रा के दौरान उपद्रवियों ने शिवाजी की प्रतिमा पर पत्थर और चप्पलें फेंकीं. सब्जियों के ठेले में आग लगा दी. इस घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें जिले के एसपी सिद्धार्थ, एक पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. पत्थरबाजी के कारण इलाके में तनाव कायम है. एहतियात के तौर पर पंका मस्जिद और कोटलेश्वर मंदिर के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इलाके में भारी पुलिसबल की तैनाती है.

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया. एहतियातन आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके. अतिरिक्त पुलिस बल को इलाके में तैनात किया गया है और पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है. घायल हिंदू कार्यकर्ता प्रकाश अरकेरी को सिर में चोट लगने के बाद इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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क्या बोले एसपी?

एसपी सिद्धार्थ ने बताया कि शिवाजी जयंती का जुलूस जब मस्जिद के पास पहुंचा, तभी उस पर पत्थर फेंके गए, जिसके बाद तनाव बढ़ गया. उन्होंने कहा कि पुलिस वीडियो फुटेज की जांच कर रही है और पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देते हुए उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.

तीन ठेलों में आग लगाई

पथराव की घटना के दौरान उपद्रवियों ने सब्जी मंडी क्षेत्र में खड़े तीन ठेलों में आग लगा दी. सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए. ठेला मालिकों को भारी नुकसान हुआ है. व्यापारी जन्नतबी डोड्डामणि ने आक्रोश जताते हुए कहा कि उनका ठेला पूरी तरह जल गया, जिसमें रखे तराजू और सामान सब नष्ट हो गया. उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.

हिंदू संगठनों ने दी बागलकोट बंद की चेतावनी

घटना के विरोध में कुछ युवक सड़कों पर उतर आए और पत्थरबाजी करने वाले उपद्रवियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे. हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बागलकोट बंद का आह्वान किया जाएगा. हालांकि पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर प्रदर्शनकारियों को शांत किया और उन्हें वापस भेज दिया.

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ओल्ड बागलकोट, नवनगर और विद्यागिरी क्षेत्रों में 24 फरवरी की मध्यरात्रि तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है. उपमंडल अधिकारी संतोष जगलासर के आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर चार से अधिक लोगों के जुटने पर रोक रहेगी. बिना अनुमति सभा, जुलूस, धरना या किसी भी तरह का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा. प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग और शांति बनाए रखने की अपील की है.

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सोमवार, 02 मार्च 2026

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