
रेस्क्यू में
5 नाबालिग बरामद, पुलिस व महिला आयोग सक्रिय**
बिहार | सोनपुर मेला
सोनपुर मेले में वर्षों से चल रहे थिएटरों की आड़ में नाबालिग लड़कियों से अश्लील डांस और देह–शोषण करवाए जाने का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। भास्कर के ‘ऑपरेशन सोनपुर’ के खुलासे के बाद पुलिस, NGO और महिला आयोग हरकत में आ गए हैं। दो अलग-अलग थिएटरों पर की गई छापेमारी में 5 नाबालिग लड़कियाँ रेस्क्यू की गईं, जिनके बयान ने थिएटरों के काले कारोबार का पर्दाफाश कर दिया है।
कैसे हुआ खुलासा: NGO और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के पत्र के आधार पर मिशन मुक्ति फाउंडेशन, रेस्क्यू फाउंडेशन दिल्ली, नारायणी सेवा संस्थान, बाल कल्याण समिति (CWC) और बिहार पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
दो थिएटरों में छापेमारी
गजगृह चौक – न्यू गुलाब विकास थिएटर
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16 और 17 वर्ष की दो नाबालिग लड़कियाँ बरामद
गुलाब विकास थिएटर
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तीन नाबालिग लड़कियाँ रेस्क्यू
इन सभी को जिला महिला सुरक्षा इकाई में सुरक्षित रखा गया है।
लड़कियों का खुलासा: “कपड़े उतरवाकर नचाया जाता था…”
रेस्क्यू की गई लड़कियों ने जो बयान दिए, उन्होंने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए।
लड़कियों ने बताया—
उन्हें वेटर की नौकरी का झांसा देकर राजस्थान, यूपी और बिहार के अलग-अलग इलाकों से लाया गया
थिएटर में पहुंचते ही “छोटे कपड़ों में अश्लील डांस” के लिए मजबूर किया गया
मना करने पर मारपीट और टॉर्चर
भीड़ में बैठे पुरुष “गंदी नजरों से देखते, कपड़ों में हाथ डालते” थे
थिएटर मालिक “ज्यादा शरीर दिखाने” का आदेश देते थे
हर दिन ₹1000–1200 देकर शोषण का खुला बाजार चल रहा था
एक नाबालिग ने कहा—
“अगर पुलिस नहीं आती, तो हम लोग शायद कभी भी बाहर नहीं निकल पाते।”
सबसे बड़ा सवाल: FIR में थिएटर मालिकों का नाम क्यों नहीं?
भले ही कार्रवाई में लड़कियाँ रेस्क्यू की गईं हों, लेकिन पुलिस की FIR ने विवाद खड़ा कर दिया है।
थिएटर संचालक मौके पर मौजूद थे
लेकिन FIR में उन्हें ‘अज्ञात’ बताया गया
थिएटर चलाने की अनुमति भी पुलिस ही देती है
ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस किसी को बचा रही है?
हालांकि सारण SP कुमार आशीष ने कहा है—
“सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस अब थिएटर में काम करने वालों, एजेंटों और परदे के पीछे छिपे दलालों की भूमिका की जांच कर रही है।
महिला आयोग की एंट्री: 1 दिसंबर को साइट विजिट
दैनिक भास्कर की डिजिटल रिपोर्ट पर बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है।
महिला आयोग की कार्रवाई —
SP को पत्र भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग
पीड़ित लड़कियों से मिलने का निर्णय
मामले की स्वतंत्र जांच
थिएटरों की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्र ने कहा—
“मेले के नाम पर लड़कियों से जबरन देह–शोषण कराया जा रहा है। यह अत्यंत गंभीर मामला है। हम टीम भेजकर जांच करेंगे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।”
महिला आयोग की टीम 1 दिसंबर को सोनपुर मेला परिसर का दौरा करेगी।
यह सिर्फ पाँच लड़कियाँ नहीं… यह सिस्टम की नाकामी है
इस खुलासे ने कई गहरे सवाल उठाए हैं—
नाबालिग लड़कियाँ मेले के भीतर कैसे पहुंचीं?
एंट्री और सुरक्षा के नाम पर लिए जाने वाले शुल्क का हिसाब कौन देता है?
पुलिस की अनुमति लेकर थिएटर चलते हैं—फिर यह शोषण कैसे चल रहा था?
FIR में संचालकों का नाम क्यों नहीं?
सोनपुर मेले में कई सालों से “डांस थिएटर” के नाम पर चल रही गतिविधियों की शिकायतें आती रही हैं, लेकिन कभी इस स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई।
अब कार्रवाई सिर्फ रेस्क्यू तक नहीं—पूरे नेटवर्क पर होनी चाहिए
यह केस सिर्फ 5 नाबालिगों के रेस्क्यू तक सीमित नहीं हो सकता।
जरूरत है —
पूरे थिएटर नेटवर्क की जांच
एजेंटों और दलालों की गिरफ्तारी
अनुमति देने वाली एजेंसियों की जवाबदेही
और पीड़ित लड़कियों को पुनर्वास
सोनपुर का यह खुलासा बिहार पुलिस, प्रशासन और समाज—सभी के लिए चेतावनी है।
अगर अभी कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो अगले साल फिर कोई ‘रुबी’ किसी की रिपोर्ट का इंतजार करती मिलेगी।








